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पर्यावरण व वायु प्रदूषण निगरानी (नागरिक विज्ञान मॉडल)

जमीनी प्रदूषण व पानी जांच डेटा दर्ज करें और DPCC/CPCB को तत्काल वैधानिक नोटिस व RTI भेजें।

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वैधानिक सुरक्षा
Activist Leader - पर्यावरण व वायु प्रदूषण निगरानी (नागरिक विज्ञान मॉडल)
पर्यावरण व वायु प्रदूषण निगरानी (नागरिक विज्ञान मॉडल)सक्रिय जमीनी कार्यप्रणाली
Active
वैधानिक प्रावधानSection 31A
BQF Verified

“सरकारी प्रदूषण आंकड़े वास्तविक स्थिति छिपाते हैं। संगठन पर दर्ज स्वतंत्र नागरिक डेटा से एनजीटी व अदालतों में ठोस कार्रवाई होती है।”

नागरिक विज्ञान व स्वच्छ हवा समूह

बिना संगठित डिजिटल रिकॉर्ड के क्या होता है?

स्थानीय प्रदूषण स्रोत (कचरा जलना, औद्योगिक धुआं) सरकारी मॉनिटरिंग स्टेशनों से दूर होने के कारण रिकॉर्ड ही नहीं होते।

संगठन प्रशासनिक बदलाव कैसे लाता है?

संगठन स्वयंसेवकों को पोर्टेबल सेंसर डेटा, जीपीएस तस्वीरें और वायु अधिनियम 1981 के तहत तत्काल विधिक नोटिस तैयार करने की सुविधा देता है।

इस ब्लूप्रिंट के विशेष टूल्स

आपकी जमीनी टीम के लिए 1-क्लिक समाधान।

ग्राउंड सेंसर व हॉटस्पॉट लॉगर

जीपीएस लोकेशन और तस्वीरों के साथ PM2.5, PM10 और पानी TDS डेटा दर्ज करें।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नोटिस स्टूडियो

वायु अधिनियम 1981 की धारा 31A और ग्रैप (GRAP) नियमों के तहत विधिक नोटिस बनाएं।

सार्वजनिक वायु रिपोर्ट PDF

प्रेस और हाईकोर्ट याचिकाओं के लिए प्रिंट-रेडी नागरिक पर्यावरण रिपोर्ट।

जमीन पर काम कैसे होता है?

०१

सेंसर रीडिंग दर्ज करें

पोर्टेबल मॉनिटर से मौके पर PM2.5/PM10 मापें और जीपीएस फोटो लें।

०२

उल्लंघन नोटिस बनाएं

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव के नाम वैधानिक नोटिस तैयार करें।

०३

स्पीड पोस्ट व व्हाट्सएप भेजें

अधिकारियों को प्रमाणित प्रति भेजें और डाक रसीद ऐप में सुरक्षित रखें।

०४

रिपोर्ट सार्वजनिक करें

पत्रकारों और वकीलों के लिए सत्यापित डेटा सार्वजनिक लिंक पर साझा करें।

कानूनी प्रावधान व अदालती आदेश

वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981

नागरिक शिकायत पर प्रदूषण फैलाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई का वैधानिक अधिकार।

Section 31A

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021

दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप (GRAP) पाबंदियों को लागू करने का वैधानिक ढांचा।

GRAP Directives

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

क्या लो-कॉस्ट सेंसर डेटा का उपयोग कानूनी नोटिस में किया जा सकता है?

हाँ। जीपीएस और फोटो टाइमस्टैम्प के साथ दर्ज स्पॉट डेटा भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65B के तहत प्रथम दृष्टया साक्ष्य के रूप में मान्य है।

नागरिक समूह व जमीनी आंदोलन के अन्य ब्लूप्रिंट्स:

यह ब्लूप्रिंट अपने संगठन में लागू करें

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